असम में सुखोई Su-30MKI क्रैश: कार्बी आंगलोंग में हादसे में IAF के दो पायलट शहीद, प्रशिक्षण उड़ान के दौरान हुआ दुर्घटनाग्रस्त
असम के कार्बी आंगलोंग जिले में प्रशिक्षण उड़ान के दौरान सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें भारतीय वायु सेना के दो पायलटों की मौत हो गई।

असम के कार्बी आंगलोंग जिले में भारतीय वायु सेना का एक सुखोई Su-30MKI लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार दो पायलटों की मौत हो गई। यह हादसा बीती रात उस समय हुआ जब विमान नियमित प्रशिक्षण मिशन पर उड़ान भर रहा था। दुर्घटना की खबर सामने आते ही पूरे वायु सेना तंत्र में शोक की लहर दौड़ गई। इस दुर्घटना में शहीद हुए दोनों पायलटों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर अनुज और फ्लाइट लेफ्टिनेंट पुरवेश दुरागकर के रूप में हुई है। दोनों अधिकारी भारतीय वायु सेना के अनुभवी पायलटों में गिने जाते थे और प्रशिक्षण मिशन के दौरान अपनी ड्यूटी निभाते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया।
भारतीय वायु सेना के अनुसार यह सुखोई Su-30MKI विमान असम के जोरहाट एयरबेस से नियमित प्रशिक्षण उड़ान के लिए रवाना हुआ था। उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान से संपर्क टूट गया और वह रडार से भी गायब हो गया। इसके बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया, जिसके दौरान पता चला कि विमान कार्बी आंगलोंग जिले के एक क्षेत्र में दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। यह स्थान जोरहाट एयरबेस से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित बताया जा रहा है। दुर्घटना के बाद बचाव और खोज अभियान चलाया गया, लेकिन दोनों पायलटों को बचाया नहीं जा सका।
इस घटना पर भारतीय वायु सेना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि पूरे वायु सेना परिवार की संवेदनाएं शहीद पायलटों के परिवारों के साथ हैं। वायु सेना ने अपने संदेश में कहा कि इस कठिन समय में वह शोक संतप्त परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके दुख में सहभागी है। साथ ही इस हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि दुर्घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आ सके।
सुखोई Su-30MKI भारतीय वायु सेना का एक अत्याधुनिक और बहु-भूमिका निभाने वाला लड़ाकू विमान माना जाता है, जो देश की हवाई सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस तरह के प्रशिक्षण मिशन नियमित रूप से पायलटों की तैयारी और ऑपरेशनल क्षमता को बनाए रखने के लिए किए जाते हैं। हालांकि कभी-कभी तकनीकी या अन्य कारणों से दुर्घटनाएं भी हो जाती हैं, जिनकी जांच के बाद सुरक्षा और संचालन से जुड़े आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।
