बहराइच में शिक्षा विभाग का बड़ा घोटाला, सरकारी स्कूलों की मुफ्त किताबें कबाड़ में बेची गईं, तीन कर्मचारी बर्खास्त
सरकारी स्कूलों के लिए आई किताबों की अवैध बिक्री का खुलासा, शिक्षा विभाग में मचा हड़कंप

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला एक गंभीर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। सरकारी स्कूलों में बच्चों को निःशुल्क वितरित किए जाने के लिए भेजी गई पाठ्यपुस्तकों को विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से कबाड़ में बेच दिए जाने का खुलासा हुआ है। यह किताबें सर्व शिक्षा अभियान के तहत छात्रों के लिए भेजी गई थीं। मामले की जानकारी सामने आते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और व्यापक स्तर पर जांच शुरू कर दी गई।
जानकारी के अनुसार, कुछ स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी के सीयूजी नंबर पर फोन कर रामगांव क्षेत्र में एक कबाड़ी की दुकान के पास खड़े ट्रक में भारी मात्रा में सरकारी स्कूलों की किताबें लदे होने की सूचना दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर संबंधित वाहन को तुरंत जब्त कर लिया गया। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग के स्टॉक का भौतिक सत्यापन कराया गया, जिसमें बड़ी अनियमितता सामने आई।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि कुल 13 हजार 595 पाठ्यपुस्तकें स्टॉक से गायब हैं, जिन्हें अवैध रूप से कबाड़ में बेच दिया गया था। इस खुलासे के बाद बेसिक शिक्षा विभाग के कई कर्मचारियों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई। प्रारंभिक कार्रवाई के तहत तीन कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है, जबकि दो अन्य को निलंबित किया गया है। इसके साथ ही विभागीय स्तर पर और भी कड़ी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, इस पूरे प्रकरण में विभागीय लापरवाही और भ्रष्टाचार के कई पहलुओं की जांच की जा रही है। विशेष रूप से बीएसए की भूमिका को लेकर विभागीय जांच शुरू की गई है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इतनी बड़ी संख्या में किताबें कैसे गायब हुईं और जिम्मेदार अधिकारियों ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन क्यों नहीं किया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
