नन्हे हाथों ने डाला पहला खत, चौबेपुर डाकघर में सजी मुस्कान
एचजी स्कूल डुबकियां के नर्सरी और यूकेजी बच्चों ने चौबेपुर डाकघर में पहली बार पत्र डालकर डाक व्यवस्था को समझा। अधिकारियों ने सेवाओं की जानकारी दी।

डाकघर में सजी नन्हों की मुस्कान
वाराणसी के चौबेपुर क्षेत्र में मंगलवार का दिन खास बन गया, जब एचजी स्कूल डुबकियां के यूकेजी और नर्सरी के 51 बच्चे सामुदायिक सहायक विषय के अंतर्गत चौबेपुर डाकघर पहुंचे। उनके हाथों में छोटे छोटे खत थे और चेहरों पर उत्साह साफ झलक रहा था।
पोस्टऑफिस की दुनिया से पहला परिचय
विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. अंबिका प्रसाद गौड़ ने बच्चों को डाकघर की भूमिका समझाई। सबपोस्ट मास्टर देवी प्रसाद विश्वकर्मा ने सभी का स्वागत किया। सहायक पोस्ट मास्टर मनीष कुमार पांडेय ने पत्र वितरण, बैंकिंग सेवाओं, बचत खाते, सावधि जमा और सुकन्या योजना की जानकारी सरल शब्दों में दी। यश कुमार चौबे ने आधार कार्ड की आवश्यकता और प्रक्रिया बताई। पोस्टमैन धर्मेंद्र यादव, ज्ञानेंद्र यादव और खदेरन यादव ने बच्चों को समझाया कि एक पत्र किस तरह अपने गंतव्य तक पहुंचता है।
जब लेटरबॉक्स बना सीख का जरिया
सबसे यादगार पल तब आया, जब बच्चों ने अपनी छोटी चिट्ठियां लेटरबॉक्स में डालीं। कुछ बच्चों ने पोस्टमैन पर कविता भी सुनाई। डाकघर परिवार ने चॉकलेट और पानी की बोतल देकर उनका उत्साह बढ़ाया।
शिक्षकों का मार्गदर्शन
मुख्य अध्यापिका सुचिता तिवारी, मोनिका गुप्ता, पारोमिता बनर्जी, राहुल तिवारी और गुलाम मुस्तफा ने पूरे कार्यक्रम में बच्चों का मार्गदर्शन किया।
नई समझ की ओर पहला कदम
यह भ्रमण केवल एक शैक्षणिक गतिविधि नहीं था, बल्कि बच्चों के लिए जीवन और व्यवस्था को समझने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहला कदम साबित हुआ।

