आईपीएल स्टार अमित मिश्रा की मुश्किलें बढ़ीं: पत्नी गरिमा तिवारी ने खटखटाया अदालत का दरवाजा, घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न का नया वाद दायर
कानपुर में कानूनी जंग: पूर्व आईपीएल खिलाड़ी अमित मिश्रा पर पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप, पुलिस की निष्क्रियता के बाद न्यायालय में दी दस्तक

उत्तर प्रदेश के कानपुर से खेल जगत और ग्लैमर की दुनिया के बीच एक बेहद चौंकाने वाला कानूनी विवाद गहरा गया है, जहां पूर्व आईपीएल खिलाड़ी अमित मिश्रा एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर सुर्खियों में हैं। 9 मार्च 2026 को कानपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट अदालत में दायर एक नए वाद ने इस हाई-प्रोफाइल मामले को नया मोड़ दे दिया है। अमित मिश्रा की पत्नी और पूर्व मॉडल गरिमा तिवारी ने क्रिकेटर और उनके परिवार के विरुद्ध घरेलू हिंसा, दहेज के लिए मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना और मारपीट जैसे संगीन आरोपों के तहत मुकदमा दर्ज कराया है। गरिमा का आरोप है कि उन्हें लंबे समय से न केवल पारिवारिक कलह का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि उन पर अनैतिक दबाव भी बनाया जा रहा है। इस मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब गरिमा ने सार्वजनिक रूप से पति के अवैध संबंधों और निरंतर दुर्व्यवहार की बात कही, जिसके बाद न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए आरोपी पक्ष को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
कानपुर के बिरहाना रोड की निवासी गरिमा तिवारी ने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए न्याय के लिए अदालत की शरण ली है। गरिमा के अनुसार, उन्होंने पूर्व में कानपुर पुलिस कमिश्नर और संबंधित फिलखाना थाने में कई बार अपनी शिकायतें दर्ज कराई थीं, लेकिन पिछले एक वर्ष के दौरान पुलिस के स्तर पर कोई ठोस और संतोषजनक कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जा सकी। उनका दावा है कि अमित मिश्रा के रसूख, सामाजिक पहुंच और प्रभावशाली संबंधों के कारण स्थानीय पुलिस जांच में ढिलाई बरतती रही, जिससे उनकी सुरक्षा और न्याय की गुहार अनसुनी रह गई। इसी प्रशासनिक उदासीनता से विवश होकर उन्होंने सीधे न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया। वर्तमान में कोर्ट ने घरेलू हिंसा के तहत वाद स्वीकार कर लिया है, जिसे क्रिकेटर अमित मिश्रा के करियर और छवि के लिए एक बड़े झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
यह कानूनी विवाद अब महज एक पारिवारिक झगड़ा न रहकर सार्वजनिक चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि इसमें एक अंतरराष्ट्रीय पहचान रखने वाले खिलाड़ी का नाम शामिल है। गरिमा तिवारी ने अपनी याचिका में विस्तार से उन परिस्थितियों का उल्लेख किया है, जिनमें उन्हें और उनके आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई गई। उन्होंने आरोप लगाया कि ससुराल पक्ष द्वारा लगातार दहेज की मांग को लेकर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की जाती थी। अदालती कार्यवाही शुरू होने के बाद अब गेंद अमित मिश्रा के पाले में है, जिन्हें अब इन गंभीर आरोपों पर अपना पक्ष रखना होगा। कानून के जानकारों का मानना है कि यदि आरोप सिद्ध होते हैं, तो यह मामला अमित मिश्रा के लिए बड़ी कानूनी पेचीदगियां पैदा कर सकता है। फिलहाल, शहर में इस मामले को लेकर सरगर्मी तेज है और सबकी नजरें अब अदालत के अगले कदम और पुलिस की संभावित रिपोर्ट पर टिकी हैं।
