झारखंड में फिर लौटेगी शीतलहर, 14 से 16 जनवरी तक 13 जिलों में येलो अलर्ट, कड़ाके की ठंड का असर
IMD issues yellow alert for cold wave in Jharkhand, severe cold to grip Ranchi and 13 districts

झारखंड में एक बार फिर ठंड का प्रकोप बढ़ने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के रांची केंद्र ने 14 से 16 जनवरी तक दोबारा शीतलहर चलने की चेतावनी जारी की है। इसे देखते हुए रांची सहित राज्य के 13 जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इस दौरान ठंड का असर पहले की तरह ही तीखा रहेगा और लोगों को कड़ाके की सर्दी का सामना करना पड़ेगा। शीतलहर का प्रभाव 13 जनवरी से ही दिखना शुरू हो जाएगा, जिससे कई जिलों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला जाएगा।
मौसम विभाग ने बताया है कि 13 जनवरी को गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, लातेहार, लोहरदगा और गुमला जिलों में ठंड का असर ज्यादा रहेगा। इसके बाद 14 से 16 जनवरी के बीच रांची के साथ-साथ गढ़वा, पलामू, चतरा, हजारीबाग, बोकारो, रामगढ़, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, खूंटी, सिमडेगा और पश्चिम सिंहभूम जिले शीतलहर की चपेट में रहेंगे। इन इलाकों में सुबह और शाम के समय ठंड अधिक महसूस की जाएगी, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, आगामी तीन दिनों तक रांची में न्यूनतम तापमान करीब छह डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान लगभग 21 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा। हालांकि 16 जनवरी के बाद न्यूनतम तापमान में करीब एक डिग्री सेल्सियस की मामूली बढ़ोतरी होने की संभावना है। चेतावनी अवधि के दौरान सुबह के समय कोहरा छाया रहेगा, लेकिन दिन चढ़ने के साथ आसमान साफ हो जाएगा। मौसम शुष्क रहेगा, बावजूद इसके ठंड से राहत मिलने के आसार कम हैं।
बीते 24 घंटों में कांके क्षेत्र में भी ठंड का तीखा असर दर्ज किया गया। सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 20.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 3.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। हवा की रफ्तार 4.4 किलोमीटर प्रति घंटे रही, जिससे ठिठुरन और बढ़ गई। वहीं, मैकलुस्कीगंज में ठंड ने रिकॉर्ड तोड़ प्रभाव दिखाया, जहां सोमवार को तापमान गिरकर महज एक डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया।
शीतलहर के चलते आम जनजीवन पर भी असर साफ नजर आ रहा है। ठंड से बचने के लिए लोग सुबह और शाम अलाव का सहारा लेते दिखाई दे रहे हैं। मौसम विभाग का कहना है कि यह स्थिति पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के कारण बनी हुई है। ठंडी हवाएं पश्चिमी और दक्षिणी दिशा से झारखंड में प्रवेश कर रही हैं, जिससे तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है।
