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कटरा में सीजन की पहली बारिश और बर्फबारी, माता वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित

मौसम की बिगड़ती स्थिति के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए श्राइन बोर्ड का बड़ा फैसला

कटरा में सीजन की पहली बारिश और बर्फबारी, माता वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से स्थगित
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कटरा और आसपास के पर्वतीय इलाकों में सीजन की पहली बारिश के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी शुरू हो गई है। त्रिकुट पर्वत श्रृंखला पर हो रही भारी बर्फबारी और तेज हवाओं के कारण मौसम अचानक बेहद खराब हो गया, जिसके चलते श्री माता वैष्णो देवी की पवित्र यात्रा को फिलहाल रोक दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर श्रद्धालुओं को कटरा बेस कैंप में ही ठहराया गया है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके। लगातार हो रही बारिश और पहाड़ी रास्तों पर फिसलन बढ़ने से प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने मौसम की गंभीरता को देखते हुए यह निर्णय लिया है। बोर्ड की ओर से स्पष्ट किया गया है कि यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। मौसम में सुधार होते ही यात्रा को दोबारा चरणबद्ध तरीके से शुरू किया जाएगा। प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं और ट्रैक मार्गों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।

बीती रात से त्रिकुट पर्वत और माता के दरबार में हो रही बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर में ढक दिया है। बर्फ से ढके पहाड़, बादलों के बीच चमकता भवन और ठंडी हवाओं के बीच गिरते बर्फ के फाहे श्रद्धालुओं के लिए अलौकिक दृश्य प्रस्तुत कर रहे हैं। हालांकि यह नजारा बेहद मनमोहक है, लेकिन इसी सुंदरता के पीछे छिपा खतरा प्रशासन को सतर्क रहने के लिए मजबूर कर रहा है।

इस दौरान भवन क्षेत्र में मौजूद श्रद्धालुओं के लिए यह समय विशेष महत्व रखता है। दरअसल, इन दिनों माता की प्राचीन गुफा यानी पुरानी गुफा के द्वार भी दर्शन के लिए खुले हुए हैं। ऐसे दुर्लभ संयोग में भक्तों को माता के प्राचीन स्वरूप के दर्शन के साथ-साथ प्राकृतिक हिमपात का अद्भुत अनुभव भी प्राप्त हो रहा है। कई श्रद्धालु इसे जीवनभर न भूलने वाला क्षण बता रहे हैं।

यात्रा पर अस्थायी रोक के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं दिखाई दे रही है। कटरा में रुके यात्रियों का कहना है कि श्राइन बोर्ड का फैसला पूरी तरह सही है, क्योंकि पहाड़ों में मौसम कभी भी खतरनाक रूप ले सकता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि दर्शन से पहले सुरक्षा सबसे जरूरी है और वे मौसम साफ होने तक धैर्यपूर्वक प्रतीक्षा करेंगे।

कुछ यात्रियों ने भावुक होकर कहा कि मौसम की कठिनाइयां उनकी श्रद्धा को कमजोर नहीं कर सकतीं। उनका कहना है कि चाहे उन्हें कितने ही दिन रुकना पड़े, वे माता रानी के दर्शन करके ही लौटेंगे। लगातार “जय माता दी” के जयकारों के बीच कटरा का माहौल भक्ति, विश्वास और प्रकृति के अद्भुत संगम का साक्षी बना हुआ है।

प्रशासन की ओर से यात्रियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। मौसम सामान्य होते ही यात्रा को सुरक्षित तरीके से पुनः शुरू किया जाएगा। फिलहाल कटरा और भवन क्षेत्र में ठंड बढ़ गई है, ऐसे में यात्रियों को सावधानी बरतने और दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।

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