लोहरदगा में बड़ा रेल हादसा टला, क्षतिग्रस्त पुल से गुजरी राजधानी एक्सप्रेस, 7 जनवरी तक रूट बंदट्रेनें
कोयल नदी पर पुल क्षतिग्रस्त, समय रहते रोकी गई मेमू ट्रेन, यात्रियों को सुरक्षित निकाला गया

कोयल नदी पर बने रेलवे पुल ने बढ़ाई चिंता
झारखंड के लोहरदगा जिले में एक गंभीर रेल दुर्घटना का खतरा उस वक्त सामने आया, जब कोयल नदी पर बने रेलवे पुल में नुकसान की पुष्टि हुई। चौंकाने वाली बात यह रही कि पुल के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी सामने आने से पहले ही राजधानी एक्सप्रेस और सासाराम एक्सप्रेस जैसी प्रमुख ट्रेनें इसी मार्ग से गुजर चुकी थीं। गनीमत रही कि किसी भी ट्रेन के दौरान कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, वरना स्थिति बेहद भयावह हो सकती थी। पुल की स्थिति सामने आने के बाद रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया।
समय रहते रोकी गई मेमू ट्रेन, टली अनहोनी
जैसे ही पुल के असुरक्षित होने की सूचना रेलवे अधिकारियों को मिली, तुरंत सतर्कता बरती गई। उसी रूट से गुजरने वाली एक मेमू ट्रेन को समय रहते रोक दिया गया। रेलवे कर्मचारियों ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेन में सवार यात्रियों को सुरक्षित तरीके से नीचे उतारा और उन्हें पैदल पुल के सहारे नदी पार करवाई गई। इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी या खतरे का सामना न करना पड़े।
दो पिलर क्षतिग्रस्त, रेल यातायात पर ब्रेक
तकनीकी जांच में यह सामने आया कि रेलवे पुल के दो पिलर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हैं, जिससे पुल पर ट्रेन संचालन असुरक्षित हो गया है। इसके बाद रेलवे ने एहतियातन बड़ा फैसला लेते हुए इस रूट पर 7 जनवरी तक सभी ट्रेनों के परिचालन पर रोक लगा दी है। इंजीनियरों की टीम को मौके पर तैनात कर दिया गया है और पुल की मरम्मत व मजबूती को लेकर काम शुरू कर दिया गया है।
रेलवे प्रशासन अलर्ट, यात्रियों से सहयोग की अपील
घटना के बाद रेलवे प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले संबंधित रूट की जानकारी जरूर प्राप्त करें और वैकल्पिक ट्रेनों या मार्गों का उपयोग करें। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही इस मार्ग पर ट्रेन सेवाएं दोबारा शुरू की जाएंगी। इस घटना ने एक बार फिर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर की नियमित जांच और निगरानी की अहमियत को उजागर कर दिया है।
