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मोहाली के सेक्टर 80 में खौफनाक अंत: क्या बंद कमरे के रहस्यों ने ली 22 साल की युवती की जान?

कनाडा फोन कॉल और सीसीटीवी फुटेज में छिपे हैं मौत के सुराग, आखिर क्यों साढ़े तीन साल का रिश्ता बना काल?

मोहाली के सेक्टर 80 में खौफनाक अंत: क्या बंद कमरे के रहस्यों ने ली 22 साल की युवती की जान?
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पंजाब के मोहाली का पॉश इलाका सेक्टर 80 इन दिनों एक ऐसी रहस्यमयी घटना को लेकर चर्चा में है, जिसने आधुनिक रिश्तों के पीछे छिपे अंधेरे और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर सवालों को जन्म दे दिया है। अबोहर फाजिल्का की रहने वाली 22 वर्षीय युवती रिधिमा, जो बीते साढ़े तीन सालों से इस शहर में अपना भविष्य संवारने आई थी, उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यह मामला महज एक सुसाइड नोट या अचानक उठाया गया कदम नहीं लगता, बल्कि इसके पीछे लंबे समय से चली आ रही एक ऐसी दास्तां है जिसमें प्यार, तकरार और फिर अंतहीन मानसिक यंत्रणा का मेल नजर आता है। पुलिस ने घटना के काफी समय बाद अब जाकर कड़ियां जोड़ी हैं, जिससे इस पूरी त्रासदी में एक 'लिव-इन पार्टनर' की भूमिका संदिग्ध बनकर उभरी है और वह फिलहाल कानून की गिरफ्त से दूर है।


मामले की गहराई में जाने पर पता चलता है कि रिधिमा गुरदासपुर निवासी ओम तरुण शिव के साथ पिछले काफी समय से साथ रह रही थी और एक निजी फर्म में कार्यरत थी। परिजनों द्वारा पुलिस को दी गई औपचारिक शिकायत में यह संगीन आरोप लगाया गया है कि तरुण न केवल रिधिमा के साथ अक्सर मारपीट करता था, बल्कि उसने उसकी सामाजिक और व्यक्तिगत आजादी को भी पूरी तरह से नियंत्रित कर रखा था। आरोपों के मुताबिक, आरोपी ने रिधिमा का रिश्ता तक तुड़वा दिया था और उसे लगातार धमकियां दे रहा था, जिससे वह गहरे अवसाद में चली गई थी। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस पीजी में यह दुखद अंत हुआ, वह भी आरोपी के पहचान पत्र पर ही लिया गया था, जो उनके बीच के जटिल और दबावपूर्ण संबंधों की ओर इशारा करता है।


जांच के दौरान तकनीकी साक्ष्यों ने इस मामले को और भी पेंचीदा बना दिया है। घटना से ठीक एक दिन पहले यानी 27 फरवरी के सीसीटीवी फुटेज में दोनों के बीच एक बेहद तीखी नोकझोंक कैद हुई है, जिसके तुरंत बाद आरोपी वहां से चला गया था। अपनी जीवनलीला समाप्त करने से पहले रिधिमा ने अपनी एक सहेली, जो वर्तमान में कनाडा में है, को फोन कर अपनी आपबीती सुनाई थी, जिसे अब पुलिस एक महत्वपूर्ण 'डाइंग डिक्लेरेशन' के रूप में देख रही है। 28 फरवरी को जब फंदे से लटकता हुआ शव बरामद हुआ, तब से ही पुलिस आरोपी के मोबाइल डेटा और कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है ताकि यह साबित किया जा सके कि यह आत्महत्या के लिए उकसाने का एक स्पष्ट मामला है। फिलहाल पुलिस की टीमें फरार आरोपी की तलाश में छापेमारी कर रही हैं, जबकि मोहाली में इस घटना ने लिव-इन में रहने वाले युवाओं की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।

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