मुरादाबाद के मूंढापांडे में मासूम के साथ हुई रूह कंपा देने वाली वारदात, क्या सुरक्षित नहीं हैं गलियां?
एक बंद दुकान के पीछे छिपी वो खौफनाक सच्चाई, जिसने पूरे इलाके के होश उड़ा दिए और पुलिस को उठानी पड़ी सख्त कार्रवाई।

उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद जिले का मूढापांडे इलाका इस समय एक ऐसी सनसनीखेज वारदात की वजह से चर्चा के केंद्र में है, जिसने मानवीय संवेदनाओं पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। नरखेड़ गांव की शांत गलियों में छिपी एक काली सच्चाई तब सामने आई जब चार साल के एक मासूम की हालत देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। घटना की जड़ें एक परचून की दुकान से जुड़ी बताई जा रही हैं, जहाँ बहला-फुसलाकर ले जाए गए बच्चे के साथ हुई दरिंदगी ने स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश पैदा कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता को भांपते हुए त्वरित कार्रवाई की है, लेकिन इस घटना ने ग्रामीण अंचलों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बड़ी बहस छेड़ दी है।
परिजनों द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, इस पूरे प्रकरण का खुलासा तब हुआ जब घर के मुखिया अपने खेतों पर काम कर रहे थे। घर से आई एक अचानक कॉल ने उन्हें अनहोनी का संकेत दिया, जिसमें बच्चे की तबीयत अचानक बिगड़ने की बात कही गई थी। जब पिता आनन-फानन में घर पहुंचे, तो उन्होंने अपने जिगर के टुकड़े को गहरे सदमे और दहशत की स्थिति में पाया। मासूम ने जब टूटती आवाज में अपने साथ हुई आपबीती सुनाई, तो परिवार का गुस्सा और दुख फूट पड़ा। मामला सिर्फ शारीरिक प्रताड़ना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि जब पीड़ित पक्ष ने न्याय की उम्मीद में आरोपियों के दरवाजे पर दस्तक दी, तो उन्हें सहानुभूति के बजाय जान से मारने की धमकियां और हमले का सामना करना पड़ा।
कानूनी मोर्चे पर मूंढापांडे थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए मुख्य आरोपी फैज अली समेत तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। पुलिस की शुरुआती जांच और दबिश के बाद मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है, जबकि अन्य पहलुओं पर गहन छानबीन जारी है। स्थानीय समाज में इस बात को लेकर गहरा रोष है कि जिस परचून की दुकान को लोग दैनिक जरूरतों का केंद्र मानते थे, वहां इस तरह की घिनौनी साजिश रची गई। फिलहाल, पुलिस अधिकारी इस मामले में साक्ष्य जुटाने और कठोरतम सजा सुनिश्चित करने की बात कह रहे हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की दुस्साहसिक वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।
