मुजफ्फरनगर में हैवानियत की हदें पार करने वाला मामा पुलिस मुठभेड़ में घायल: डेढ़ वर्षीय भांजी से दुष्कर्म के बाद भाग रहे आरोपी को खतौली पुलिस ने दबोचा
मुजफ्फरनगर एनकाउंटर: मासूम भांजी से दरिंदगी करने वाला आरोपी मामा गिरफ्तार, खतौली पुलिस की जवाबी फायरिंग में पैर में लगी गोली।

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जनपद अंतर्गत खतौली कोतवाली क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक कलयुगी मामा ने रिश्तों की मर्यादा को तार-तार करते हुए अपनी ही डेढ़ वर्षीय मासूम भांजी को अपनी हवस का शिकार बनाया। मोहिद्दीनपुर गांव में घटित इस वीभत्स वारदात के बाद आरोपी ने मौके से फरार होकर कानून की पकड़ से बचने का प्रयास किया, लेकिन मुजफ्फरनगर पुलिस की मुस्तैदी ने उसे अधिक समय तक भागने नहीं दिया। पीड़ित मासूम को गंभीर हालत में परिजनों द्वारा तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश पैदा कर दिया था, जिसके चलते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशानुसार पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही थीं और जनपद के विभिन्न सीमाओं पर संदिग्धों की सघन चेकिंग शुरू कर दी गई थी।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे इस अभियान के दौरान गुरुवार देर रात खतौली पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी जब पमनावली चौकी क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी बीच पुलिस टीम ने एक संदिग्ध व्यक्ति को आते देखा और उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस को सामने देखकर वह सकपका गया और उसने भागने की कोशिश की। घेराबंदी होते देख आरोपी ने खुद को बचाने के लिए पुलिस पार्टी पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी त्वरित कार्रवाई करते हुए आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में लगी और वह वहीं ढेर हो गया। पुलिस ने जब घायल की शिनाख्त की, तो वह वही वांछित मामा निकला जिसने मासूम बच्ची के साथ जघन्य अपराध किया था। मौके से पुलिस ने एक अवैध तमंचा और जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।
घटनास्थल का मुआयना करने और ऑपरेशन की जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जनपद में लगातार विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में पमनावली चौकी के पास संदिग्ध अवस्था में भाग रहे इस व्यक्ति को जब रोकने का प्रयास किया गया, तो उसने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी कार्रवाई में वह घायल हुआ है, जिसे प्राथमिक उपचार के बाद हिरासत में लेकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में कठोरतम धाराओं के तहत कानूनी कार्यवाही सुनिश्चित की जा रही है ताकि पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय मिल सके।
