महाशिवरात्रि से पहले मुजफ्फरनगर में प्रशासन का फैसला, कांवड़ मार्ग पर मीट की दुकानें तिरपाल से ढकी गईं
महाशिवरात्रि के मद्देनज़र कांवड़ यात्रा मार्ग पर प्रशासन सख्त, मीट की दुकानों को ढकने के निर्देश

महाशिवरात्रि पर्व और कांवड़ यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में प्रशासन ने विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। शिवभक्त कांवड़ियों की आस्था और सुविधा को ध्यान में रखते हुए कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाली सभी मीट की दुकानों को तिरपाल से ढकवा दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम पूरी तरह एहतियातन उठाया गया है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी तरह की असहजता न हो और पर्व का आयोजन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
दरअसल, हर साल बड़ी संख्या में कांवड़िये हरिद्वार से गंगाजल भरकर दिल्ली, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों की ओर प्रस्थान करते हैं। इस दौरान उनका प्रमुख मार्ग मुजफ्फरनगर से होकर गुजरता है। यात्रा के दौरान धार्मिक भावनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस और प्रशासन ने कांवड़ मार्ग पर खुले में मांसाहारी सामग्री प्रदर्शित करने पर रोक लगाने का निर्णय लिया। इसी के तहत सभी मीट दुकानदारों को निर्देश दिए गए कि वे अपनी दुकानों को तिरपाल या कवर से पूरी तरह ढककर रखें।
प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि दुकानों के बाहर लटके नॉनवेज आइटम पूरी तरह ढक दिए गए हैं, ताकि कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार का विवाद या असंतोष उत्पन्न न हो। अधिकारियों ने बताया कि निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस और नगर प्रशासन की टीम लगातार निगरानी कर रही है। स्थानीय दुकानदारों ने भी प्रशासन के निर्देशों का पालन करते हुए सहयोग किया है।
प्रशासन का कहना है कि इस तरह के कदमों का उद्देश्य किसी वर्ग विशेष को परेशान करना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। महाशिवरात्रि और कांवड़ यात्रा को देखते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद कर दी गई है, ताकि शिवभक्त बिना किसी बाधा के अपनी यात्रा पूरी कर सकें और पर्व सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हो।
