हनुमान घाटी के पास आधी रात को आखिर ऐसा क्या हुआ कि चीखों से गूंज उठा पूरा इलाका?
ब्रह्मपुर से शुरू हुआ खुशियों का सफर अचानक मातम में कैसे बदला, जांच में जुटी पुलिस।

ओडिसा के नयागढ़ जिले के दसपल्ला थाना क्षेत्र में शुक्रवार की खामोश रात उस वक्त भयावह मंजर में तब्दील हो गई, जब टाकराघाट के पास से गुजर रही एक बस अचानक अनियंत्रित होकर काल का ग्रास बन गई। ब्रह्मपुर के रहने वाले करीब 60 यात्रियों का समूह उत्साह के साथ हरिशंकर की यात्रा पर निकला था, लेकिन हनुमान घाटी के दुर्गम मोड़ पर चालक का वाहन से संतुलन खोना एक ऐसी त्रासदी की वजह बना जिसने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो यह महज एक साधारण टक्कर नहीं थी, बल्कि ढलान पर बस की बेकाबू रफ्तार और सामने मौजूद विशाल पत्थर के बीच हुआ वह घातक टकराव था, जिसने पलक झपकते ही कई परिवारों की खुशियां छीन लीं।
हादसे की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद बस सड़क पर इस कदर पलटी कि उसमें सवार लोग खिलौनों की तरह बाहर जा गिरे, जबकि दस से अधिक यात्री मलबे और लोहे की चादरों के नीचे ही फंस गए। इस हृदयविदारक घटना में बस के चालक प्रवीण साहू समेत पांच लोगों की मौके पर ही सांसें थम गईं, जिनमें चार महिलाएं शामिल थीं। जैसे ही इस अनहोनी की सूचना स्थानीय प्रशासन को मिली, दसपल्ला और बनिगोछा पुलिस के साथ-साथ अग्निशमन विभाग की टीमें फौरन हरकत में आईं और अंधेरी रात के साये में बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन का आगाज किया गया।
मौके पर राहत कार्य इतना चुनौतीपूर्ण था कि बस के नीचे दबे हुए लहूलुहान यात्रियों को बाहर निकालने के लिए गैस कटर का सहारा लेना पड़ा, क्योंकि भारी मशीनों के बिना उन्हें सुरक्षित निकालना नामुमकिन था। शुरुआती जांच में यह तथ्य उभर कर सामने आया है कि 40 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में दसपल्ला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सा स्थिति को देखते हुए करीब 15 गंभीर मरीजों को जिला मुख्यालय अस्पताल रेफर कर दिया गया है, जहां उनकी स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन अब इस पहलू की बारीकी से पड़ताल कर रहा है कि क्या यह महज एक मानवीय चूक थी या वाहन में कोई तकनीकी खराबी इस विनाशकारी दुर्घटना का मुख्य कारण बनी।
फिलहाल, समूचे जिले में इस घटना को लेकर गहरा शोक है और पुलिस ने मामले की गहन तफ्तीश शुरू कर दी है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई। स्थानीय लोगों में भी इस पहाड़ी रास्ते की सुरक्षा को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि इस मार्ग पर पहले भी कई छोटी-बड़ी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। पुलिस का कहना है कि वे हर संभावित एंगल से साक्ष्य जुटा रहे हैं और घायलों के बयान दर्ज होने के बाद ही हादसे की असली वजह का आधिकारिक खुलासा किया जा सकेगा।
