प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असम दौरा: डिब्रूगढ़ में नॉर्थईस्ट की पहली हाईवे एयरस्ट्रिप का उद्घाटन, 5,450 करोड़ की परियोजनाओं की सौगात
असम दौरे पर पीएम मोदी, डिब्रूगढ़ में हाईवे पर विमान से उतरेंगे, रणनीतिक ELF और हजारों करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को असम के दौरे पर रहेंगे, जहां वे राज्य को बुनियादी ढांचे और रणनीतिक सुरक्षा से जुड़ी कई अहम सौगातें देने जा रहे हैं। इस दौरान प्रधानमंत्री डिब्रूगढ़ में राष्ट्रीय राजमार्ग पर विकसित नॉर्थईस्ट की पहली इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे। खास बात यह है कि प्रधानमंत्री स्वयं भी विमान के जरिए इसी हाईवे एयरस्ट्रिप पर उतरेंगे, जो इस परियोजना की सामरिक और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है। इसके अलावा वे एक नए पुल का उद्घाटन करने के साथ-साथ 5,450 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की शुरुआत भी करेंगे।
प्रधानमंत्री के इस दौरे को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री को लेकर आने वाला भारतीय वायु सेना का सी-130 परिवहन विमान डिब्रूगढ़ जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-37 के अंतर्गत मोरान क्षेत्र में बनाई गई आपातकालीन लैंडिंग सुविधा पर उतरेगा। यह घटना पूर्वोत्तर भारत के लिए एक ऐतिहासिक क्षण मानी जा रही है, क्योंकि पहली बार किसी राष्ट्रीय राजमार्ग को इस स्तर की हवाई संचालन क्षमता के साथ तैयार किया गया है।
इस कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री भारतीय वायु सेना की ताकत का भी साक्षात अनुभव करेंगे। वे लगभग 16 सैन्य विमानों के विशेष हवाई प्रदर्शन को देखेंगे, जिसमें लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर शामिल होंगे। यह एयर शो न केवल तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन होगा, बल्कि क्षेत्र की रणनीतिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों को भी मजबूती प्रदान करेगा।
डिब्रूगढ़-मोरान खंड में राष्ट्रीय राजमार्ग 127 पर करीब 4.2 किलोमीटर लंबे प्रबलित कंक्रीट हिस्से को भारतीय वायु सेना के सहयोग से दोहरे उपयोग वाली हवाई पट्टी के रूप में विकसित किया गया है। इस इमरजेंसी लैंडिंग फैसिलिटी को इस तरह डिजाइन किया गया है कि आपदा, युद्ध या अन्य रणनीतिक परिस्थितियों में यहां लड़ाकू जेट, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर सुरक्षित रूप से उतर और उड़ान भर सकें। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र में अपनी तरह की पहली हाईवे एयरस्ट्रिप है, जो न केवल रक्षा दृष्टि से अहम है बल्कि क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आपात प्रबंधन को भी नई मजबूती देगी।
