प्रतापगढ़ में रसूखदार शख्स की रहस्यमयी गुमशुदगी का खौफनाक अंत, बंद बोरे में मिली लाश ने खोल दिए 'आधी रात' के काले राज
क्या किसी के जुनून की कीमत जान देकर चुकानी पड़ती है? नहर किनारे मिले एक लावारिस बैग ने उस सच से पर्दा उठाया है जिसने पूरे जिले को हिला कर रख दिया।

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक पूर्व जन-प्रतिनिधि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत ने कानून व्यवस्था और सामाजिक रिश्तों के ताने-बने पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 18 बच्चों के पिता और दो पत्नियों के साथ एक भरा-पूरा परिवार चलाने वाले पूर्व प्रधान मुस्तका गुलशन का शव जिस हालत में बरामद हुआ है, उसने पुलिस की जांच को एक ऐसे मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है जहां प्यार, ब्लैकमेलिंग और बदले की खौफनाक साजिश नजर आती है। शुरुआती दौर में यह मामला महज एक गुमशुदगी का प्रतीत हो रहा था, लेकिन जैसे-जैसे जांच के तार जुड़ते गए, वैसे-वैसे एक ऐसी हकीकत सामने आई जिसने रोंगटे खड़े कर दिए। घटना की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतक का शव एक बोरे में बंद होकर नहर के पास लावारिस पड़ा मिला, जिसके बाद इलाके में तनाव और सनसनी का माहौल व्याप्त है।
पुलिसिया तफ्तीश के केंद्र में मृतक की कॉल डिटेल्स और उसकी आखिरी लोकेशन रही, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि मुस्तका गुलशन अपनी मौत से पहले अपनी कथित प्रेमिका सुमन गौतम के संपर्क में थे। पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जब पुलिस ने सुमन को हिरासत में लिया, तो उसने जो खुलासे किए वे किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं थे। सुमन ने पुलिस को बताया कि वह मृतक के लगातार बढ़ते दबाव और कथित तौर पर किए जा रहे ब्लैकमेल से बुरी तरह टूट चुकी थी। आरोपी महिला के अनुसार, पूर्व प्रधान उसे मिलने के लिए विवश कर रहा था, जिससे तंग आकर उसने अपने निजी सम्मान और मानसिक शांति की खातिर एक जानलेवा रास्ता चुनने का फैसला किया। इस साजिश को अंजाम देने के लिए उसने अपने मायके को आधार बनाया, जहां उसने मुस्तका को मिलने के बहाने बुलाकर उनकी जीवनलीला समाप्त करने का खाका तैयार किया।
वारदात वाले दिन जब पूर्व प्रधान तयशुदा स्थान पर पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद सुमन, उसके भाई अतुल और एक अन्य सहयोगी अरुण ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। जानकारी के मुताबिक, लोहे की भारी रॉड से मृतक के सिर पर घातक प्रहार किए गए, जिससे मौके पर ही उनकी सांसें थम गईं। अपराध को छिपाने और कानून की आंखों में धूल झोंकने के उद्देश्य से आरोपियों ने बेहद शातिर तरीके से शव को एक बोरे में पैक किया और उसे पास की नहर में ठिकाने लगा दिया। पुलिस ने मुख्य आरोपी महिला को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है, जबकि फरार भाई और उसके दोस्त की तलाश में टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है कि कैसे एक रसूखदार व्यक्ति की अपनी निजी जिंदगी की उलझनों ने उसे मौत के ऐसे मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया, जहां से वापसी का कोई रास्ता नहीं था।
