पी टी उषा को बड़ा व्यक्तिगत आघात: भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष के पति वी श्रीनिवासन का निधन
तड़के घर पर अचानक बिगड़ी तबीयत, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित किया

भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद पी टी उषा को शुक्रवार को गहरा निजी सदमा लगा, जब उनके पति वी श्रीनिवासन का तड़के निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार, श्रीनिवासन की उम्र 67 वर्ष थी। सुबह के समय वह अपने आवास पर अचानक बेहोश होकर गिर पड़े, जिसके बाद परिजन उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल लेकर पहुंचे। हालांकि डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका और अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उनके निधन की खबर मिलते ही खेल और राजनीतिक जगत में शोक की लहर दौड़ गई।
परिवार से जुड़े सूत्रों ने बताया कि श्रीनिवासन को पहले से किसी गंभीर बीमारी की जानकारी सामने नहीं आई थी, जिससे उनका अचानक यूं चले जाना सभी के लिए बेहद चौंकाने वाला रहा। शुरुआती जानकारी के अनुसार, तड़के अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी और वह अचेत अवस्था में पाए गए। तुरंत मेडिकल सहायता दी गई, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हो सका। फिलहाल परिजन और करीबी रिश्तेदार इस अप्रत्याशित क्षति से गहरे सदमे में हैं।
वी श्रीनिवासन केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी रह चुके थे और उन्होंने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक सेवा में बिताया। वे पी टी उषा के खेल जीवन से लेकर उनके राजनीतिक सफर तक हर मोड़ पर उनके साथ मजबूती से खड़े रहे। जब उषा अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स में भारत का नाम रोशन कर रही थीं, उस दौर से लेकर राज्यसभा सदस्य बनने और भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष बनने तक, श्रीनिवासन हमेशा उनके सबसे मजबूत सहायक और मार्गदर्शक बने रहे।
पी टी उषा के करीबी लोगों का कहना है कि श्रीनिवासन ने कभी सार्वजनिक मंच से दूरी नहीं चाही, लेकिन पर्दे के पीछे रहकर उन्होंने हर फैसले में उषा का संबल बढ़ाया। खेल प्रशासन, सामाजिक गतिविधियों और राजनीतिक जिम्मेदारियों के दौरान वे परिवार और कार्य के बीच संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे। उनके निधन को न केवल परिवार बल्कि खेल जगत के लिए भी एक अपूरणीय क्षति के रूप में देखा जा रहा है।
वी श्रीनिवासन के निधन पर कई खेल संगठनों, एथलीटों और राजनीतिक हस्तियों ने शोक व्यक्त किया है। लोगों ने उन्हें एक सरल, सहयोगी और अनुशासित व्यक्तित्व के रूप में याद किया, जिन्होंने जीवनभर अपने कर्तव्यों को प्राथमिकता दी। पी टी उषा के जीवन में उनका योगदान हमेशा सम्मान के साथ स्मरण किया जाएगा।
