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पंजाब में आधी आबादी के लिए हुआ बड़ा ऐलान, क्या आपके घर की महिलाओं को भी मिलेगा इस नई सौगात का सीधा लाभ?

चुनावी वादे को हकीकत में बदलने की दिशा में मान सरकार का बड़ा कदम, 2 अप्रैल से बदली राज्य की महिलाओं की आर्थिक तस्वीर।

पंजाब में आधी आबादी के लिए हुआ बड़ा ऐलान, क्या आपके घर की महिलाओं को भी मिलेगा इस नई सौगात का सीधा लाभ?
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पंजाब की सियासत और सामाजिक ढांचे में एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। राज्य की भगवंत मान सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को लेकर एक ऐसी पहल की शुरुआत की है, जो सीधे तौर पर राज्य के करोड़ों घरों के बजट को प्रभावित करने वाली है। 'मुख्यमंत्री मावां धियां सत्कार योजना' के नाम से शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने उन चर्चाओं को फिर से हवा दे दी है, जो 2022 के विधानसभा चुनाव के समय एक प्रमुख वादे के रूप में उभरी थीं। सरकार का यह कदम केवल एक वित्तीय सहायता भर नहीं है, बल्कि इसे परिवार के भीतर महिलाओं की निर्णय लेने की क्षमता को मजबूत करने की एक बड़ी कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस योजना ने परिवार की सीमाओं को लांघते हुए प्रति घर लाभार्थियों की संख्या पर लगे तमाम प्रतिबंधों को हटा दिया है, जिससे अब एक ही छत के नीचे रहने वाली कई महिलाएं एक साथ इस सरकारी मदद का हिस्सा बन सकेंगी।


योजना के तकनीकी पहलुओं पर गौर करें तो 2 अप्रैल से इसे आधिकारिक तौर पर जमीन पर उतार दिया गया है। कैबिनेट की हालिया मंजूरी के बाद जारी अधिसूचना के अनुसार, इस आर्थिक सुरक्षा कवच का दायरा काफी विस्तृत रखा गया है। इसके तहत सामान्य श्रेणी की पात्र महिलाओं को जहां हर महीने 1,000 रुपये की राशि प्रदान की जाएगी, वहीं अनुसूचित जाति से ताल्लुक रखने वाली महिलाओं के लिए यह सम्मान राशि 1,500 रुपये तय की गई है। सरकार ने इस बात का भी विशेष ध्यान रखा है कि जो महिलाएं पहले से किसी सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ ले रही हैं, उन्हें इस नई योजना से वंचित न किया जाए। इस निर्णय से राज्य की उन बुजुर्ग और विधवा महिलाओं को अतिरिक्त संबल मिलेगा, जो पहले से ही सरकारी सहायता पर निर्भर हैं।


मान सरकार के दावों की मानें तो इस योजना की रूपरेखा इस तरह तैयार की गई है कि पंजाब की लगभग 97 प्रतिशत महिलाएं इसके दायरे में आ जाएंगी। 18 वर्ष से अधिक आयु की कोई भी महिला, जो निर्धारित शर्तों को पूरा करती है, इसके लिए आवेदन करने की पात्र होगी। हालांकि, पारदर्शिता और लक्षित वितरण सुनिश्चित करने के लिए कुछ कड़े मापदंड भी तय किए गए हैं। ऐसे परिवार जहाँ कोई महिला स्वयं या उसका परिवार वर्तमान या पूर्व सरकारी नौकरी में है, आयकर दाता है, या फिर राजनीतिक पदों जैसे सांसद और विधायक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं, उन्हें इस लाभ से बाहर रखा गया है। प्रशासन का मानना है कि इन अपवादों के बावजूद, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के श्रमिक और मध्यम वर्गीय परिवारों के लिए यह योजना एक गेम-चेंजर साबित होगी, जिसकी जमीनी रिपोर्टिंग के दौरान महिलाओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

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