Public Khabar

राजाजी टाइगर रिजर्व के इस खास जोन में अचानक क्यों थम गई सफारी की रफ्तार? जानें 14 अप्रैल का बड़ा कनेक्शन

पर्यटकों के लिए अचानक बंद हुए जंगल के रास्ते, वीआईपी मूवमेंट के चलते प्रशासन ने लिया बड़ा फैसला।

राजाजी टाइगर रिजर्व के इस खास जोन में अचानक क्यों थम गई सफारी की रफ्तार? जानें 14 अप्रैल का बड़ा कनेक्शन
X

उत्तराखंड के प्राकृतिक सौंदर्य का लुत्फ उठाने वाले वन्यजीव प्रेमियों के लिए एक अहम और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। राजाजी टाइगर रिजर्व की प्रसिद्ध चिल्लावाली रेंज के पर्यटक जोन में अचानक सन्नाटा छाने वाला है। रविवार से यहां चलने वाली जंगल सफारी पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है, जिससे दूर-दराज से आने वाले सैलानियों की योजनाओं को गहरा झटका लगा है। यह पाबंदी कोई सामान्य तकनीकी कारण या वन्यजीवों की सुरक्षा का नियमित हिस्सा नहीं है, बल्कि इसके पीछे राजधानी दिल्ली से देहरादून तक जुड़ा एक बड़ा घटनाक्रम है, जिसने प्रशासन को आनन-फानन में यह कदम उठाने पर मजबूर किया है।


इस पूरे घटनाक्रम की जड़ें 14 अप्रैल को होने वाले एक भव्य आयोजन से जुड़ी हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का लोकार्पण होना तय हुआ है। इसी हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम की गरिमा और सुरक्षा मानकों को देखते हुए वन विभाग और स्थानीय प्रशासन ने चिल्लावाली रेंज में तीन दिनों तक पर्यटकों की आवाजाही को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया है। चूंकि एक्सप्रेसवे का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रिजर्व के संवेदनशील इलाकों से होकर गुजरता है, इसलिए लोकार्पण समारोह के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था या सुरक्षा में चूक की गुंजाइश नहीं छोड़ी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने इलाके का मुआयना करने के बाद ही सफारी पर यह अस्थायी ब्रेक लगाया है।


रविवार से शुरू होने वाली इस तीन दिवसीय बंदी का सीधा असर उन पर्यटकों पर पड़ेगा जिन्होंने काफी पहले से अपनी बुकिंग करा रखी थी। वन्यजीव सफारी बंद रहने से न केवल पर्यटकों में मायूसी है, बल्कि स्थानीय जिप्सी संचालकों और गाइडों के कामकाज पर भी इसका क्षणिक प्रभाव पड़ेगा। हालांकि, प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय महत्व के इस प्रोजेक्ट और प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की संवेदनशीलता के चलते यह निर्णय अनिवार्य था। सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत फिलहाल पूरे जोन की निगरानी बढ़ा दी गई है और आम नागरिकों को वैकल्पिक रास्तों या अन्य रेंजों की ओर रुख करने की सलाह दी जा रही है। 14 अप्रैल के समारोह के बाद ही इस इलाके में दोबारा से पर्यटकों की चहल-पहल देखने को मिलेगी।

Tags:
Next Story
Share it