रांची से बिहार ले जाने की साजिश: धुर्वा शालीमार बाजार से अगवा किए गए दो बच्चे, आरोपी दंपति गिरफ्तार
बैलून बेचने के बहाने बच्चों को बहलाया, दो दिनों तक अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा, बिहार ले जाने से पहले पुलिस ने दबोचा

रांची के धुर्वा शालीमार बाजार से दो मासूम बच्चों के अपहरण के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी दंपति नव कुमार खेरवार और सोनी खेरवार दो जनवरी को बाजार में बैलून बेचने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान अंश और अंशिका नाम के दोनों बच्चे वहां आए। बच्चों के साथ कोई अभिभावक नजर नहीं आने पर आरोपियों ने मौके का फायदा उठाया और उन्हें बहला-फुसलाकर अपने साथ कर लिया। पहले बच्चों को बैलून दिए गए, फिर उन्हें खाना खिलाया गया ताकि उनका भरोसा जीता जा सके। शाम करीब चार बजे दोनों बच्चों को बाजार से बाहर ले जाया गया।
पुलिस के मुताबिक, दंपति ने बच्चों को ऑटो से हटिया ले जाने की योजना बनाई थी। उनका इरादा बच्चों को लेकर सीधे बिहार चले जाने का था। हालांकि, उसी शाम बच्चों के लापता होने की सूचना मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हो गई और आसपास के इलाकों में तलाश शुरू कर दी गई। पुलिस की गतिविधि देखकर आरोपी दंपति घबरा गया और बच्चों को हटिया इलाके के आसपास ही कुछ समय तक छिपाकर रखा। इसके बाद करीब दो दिन तक बच्चों को अलग-अलग जगहों पर रखकर पुलिस से बचने की कोशिश की गई।
दो दिन बाद आरोपी दंपति बच्चों को लेकर बूटी मोड़ पहुंचे। वहां से ऑटो और अन्य यात्री वाहनों के जरिए रामगढ़ का रुख किया गया। रामगढ़ पहुंचने के बाद उन्होंने किराए का कमरा तलाशना शुरू किया और अंततः अहमदनगर इलाके में एक महिला के घर एक हजार रुपये मासिक किराए पर कमरा ले लिया। उसी कमरे में दोनों बच्चों को रखा गया। आरोपियों ने बच्चों को तरह-तरह का खाना खिलाया, नई चीजें देने का लालच दिया और उनकी छोटी-बड़ी इच्छाओं को पूरा किया, जिससे बच्चे धीरे-धीरे उनसे घुल-मिल गए और उनकी बातों में हामी भरने लगे।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि बच्चे आरोपियों को नाम से बुलाने लगे थे और पूरी तरह उनके प्रभाव में आ चुके थे। जांच के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे दोनों बच्चों को लेकर बिहार जाने की पूरी तैयारी कर रहे थे। इसी बीच पुलिस को गुप्त सूचना मिली और कार्रवाई करते हुए दोनों को बच्चों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी दंपति गुलगुलिया गैंग से जुड़े हुए हैं और अलग-अलग बाजारों व हाटों में घूम-घूमकर बैलून बेचने का काम करते हैं। कुछ दिन पहले ही वे रांची आए थे और कथित तौर पर बच्चों की तलाश में विभिन्न इलाकों में घूम रहे थे।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। बच्चों को सकुशल बरामद कर लिया गया है और पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
