कस्टोडियल मौत पर हाईकोर्ट सख्त, 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड
सथानकुलम कस्टोडियल डेथ केस में मद्रास हाईकोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड दिया। अदालत ने इसे अत्यंत जघन्य अपराध बताया।

थाने में मौत पर सख्त फैसला, हाईकोर्ट ने सुनाया मृत्युदंड
तमिलनाडु के चर्चित सथानकुलम कस्टोडियल डेथ मामले में मद्रास हाईकोर्ट की मदुरै पीठ ने दोषी पाए गए नौ पुलिसकर्मियों को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। अदालत ने इस घटना को अत्यंत गंभीर और असाधारण श्रेणी का अपराध मानते हुए यह फैसला दिया।
2020 की घटना जिसने देश को झकझोरा
यह मामला वर्ष 2020 का है, जब तूतीकोरिन जिले के सथानकुलम में एक व्यापारी पी जयराज और उनके पुत्र जे बेन्निक्स की पुलिस हिरासत में मौत हो गई थी। दोनों को कोविड नियमों के उल्लंघन के आरोप में हिरासत में लिया गया था, क्योंकि उनकी दुकान निर्धारित समय के बाद भी खुली हुई थी।
हिरासत में क्रूरता के आरोप
जांच में सामने आया कि हिरासत के दौरान दोनों के साथ बर्बर मारपीट की गई। रिपोर्ट में गंभीर चोटों, अत्यधिक रक्तस्राव और शारीरिक यातना का उल्लेख किया गया, जो उनकी मौत का कारण बना। घटना के बाद पूरे देश में विरोध हुआ और पुलिस हिरासत में हिंसा पर व्यापक बहस शुरू हुई।
अदालत की सख्त टिप्पणी
लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने कहा कि यह मामला सामान्य अपराध नहीं बल्कि सत्ता के दुरुपयोग और अत्यधिक क्रूरता का उदाहरण है। अदालत ने इसे दुर्लभतम मामलों की श्रेणी में रखते हुए मृत्युदंड को उचित ठहराया।
जांच में क्या सामने आया
जांच एजेंसी के अनुसार यह घटना आकस्मिक नहीं थी, बल्कि सुनियोजित तरीके से की गई कार्रवाई थी। अदालत ने माना कि हिरासत में व्यक्तियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस पर होती है और इस मामले में उसका गंभीर उल्लंघन हुआ। नौ पुलिसकर्मियों को दोषी ठहराया गया, जबकि एक अन्य आरोपी की सुनवाई के दौरान मृत्यु हो चुकी थी।
फैसले का व्यापक प्रभाव
इस निर्णय को केवल एक मामले का निष्कर्ष नहीं बल्कि संस्थागत जवाबदेही के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह स्पष्ट करता है

