शाहजहांपुर में सरकारी कार्रवाई के दौरान मचा हड़कंप: आखिर एक परिवार को क्यों उठाना पड़ा यह खौफनाक कदम?
जलालाबाद के एक गांव में पैमाइश और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के बीच उपजा भारी विवाद, मौके पर मौजूद पुलिस के फूले हाथ-पांव।

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान उस समय रूह कंपा देने वाला मंजर सामने आया, जब अपनी छत बचाने की जद्दोजहद में एक पिता और उनके दो बेटों ने मौत को गले लगाने की कोशिश की। जलालाबाद तहसील के मझरेता मगटोरा गांव में यह अप्रत्याशित घटना तब घटी जब राजस्व विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम एक कथित अवैध निर्माण को हटाने के लिए पहुंची थी। जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की, विरोध की एक ऐसी लहर उठी जिसने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्तब्ध कर दिया। सालों से जिस आशियाने को परिवार अपना समझकर रह रहा था, उसे उजड़ते देख भावनाओं का सैलाब इस कदर उमड़ा कि परिवार के तीन सदस्यों ने विरोध के लिए सबसे खतरनाक रास्ता चुन लिया।
घटनाक्रम के अनुसार, विवाद की जड़ चकरोड पर बने एक मकान से जुड़ी है, जिसे लेकर प्रशासन के पास शिकायत थी। चकरोड की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के उद्देश्य से जब सरकारी अमला गांव पहुंचा, तो पीड़ित पक्ष ने इसे अपनी आजीविका और सम्मान का प्रश्न बना लिया। देखते ही देखते पिता और उनके दो पुत्र पास ही मौजूद एक पेड़ की ओर भागे और वहां फंदा लगाकर अपनी जान देने का प्रयास करने लगे। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए स्थिति को भांप लिया और तुरंत सक्रिय होकर तीनों को फंदे से नीचे उतारा। हालांकि, इस अफरातफरी के बीच एक बेटे की स्थिति नाजुक हो गई क्योंकि फंदा उसके गले में काफी गहराई तक कस गया था, जिसके बाद उसे तत्काल राजकीय मेडिकल कॉलेज ले जाया गया।
इस घटना ने स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली और अतिक्रमण विरोधी अभियानों में संवेदनशीलता के मुद्दे पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर काफी चर्चा है कि क्या कार्रवाई से पहले उचित संवाद और चेतावनी की प्रक्रिया पूरी की गई थी। दूसरी ओर, राजस्व विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि वे केवल कानून का पालन कर रहे थे और चकरोड को कब्जामुक्त कराना अनिवार्य था। फिलहाल, गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल की मौजूदगी में स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अस्पताल में भर्ती युवक का इलाज जारी है, जबकि पुलिस अब इस पूरे मामले में कानूनी पहलुओं और परिवार के इस आत्मघाती कदम के पीछे के उकसावे की जांच कर रही है।
