शामली एनकाउंटर में ढेर हुआ कुख्यात डकैत रिहान अंसारी, दिल्ली-NCR और वेस्ट यूपी में था आतंक का पर्याय
90 से ज्यादा मामलों में वांछित कुख्यात डकैत रिहान अंसारी शामली पुलिस मुठभेड़ में ढेर, एक सिपाही घायल

उत्तर प्रदेश के शामली जिले में पुलिस और एसओजी टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली-एनसीआर और वेस्ट यूपी में दहशत का नाम बन चुके कुख्यात डकैत रिहान अंसारी का अंत कर दिया। गुरुवार देर रात हुई इस मुठभेड़ में रिहान अंसारी पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया। करीब एक दशक से कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बना यह अपराधी 90 से अधिक संगीन मामलों में वांछित था और लंबे समय से पुलिस की हिटलिस्ट में शामिल था।
पुलिस को देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि झिंझाना से कसेरवा जाने वाले रास्ते पर बाइक सवार दो बदमाश किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना के आधार पर शामली पुलिस और एसओजी टीम ने इलाके में घेराबंदी की। जैसे ही पुलिस ने संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया, बदमाशों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान शामली कोतवाली में तैनात सिपाही सुमित बैसला गोली लगने से घायल हो गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें रिहान अंसारी को गोली लगी, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
घायल अवस्था में रिहान अंसारी को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस के मुताबिक, रिहान अंसारी दिल्ली, हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लूट, डकैती और स्नैचिंग की घटनाओं में सक्रिय था। वह अपने गिरोह का सरगना था और बीते 10 वर्षों से संगठित अपराध की दुनिया में लगातार सक्रिय बना हुआ था।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, रिहान अंसारी कुख्यात याहिया गैंग के संपर्क में था और उनके साथ मिलकर शामली व आसपास के इलाकों में कई बड़ी वारदातों को अंजाम दे चुका था। उसके खिलाफ शामली, बागपत, गाजियाबाद, दिल्ली और हरियाणा में लूट, डकैती और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराधों के 90 से अधिक मुकदमे दर्ज थे। नवंबर 2025 में झिंझाना क्षेत्र में एक दंपती से हुई लूट की घटना के बाद सहारनपुर डीआईजी ने उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रिहान अंसारी के मारे जाने से इलाके में सक्रिय आपराधिक गिरोहों को बड़ा झटका लगा है और दिल्ली-एनसीआर व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अपराध पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। फिलहाल फरार साथी की तलाश के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं और पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है।

