उत्तर प्रदेश की अदालतों को उड़ाने की धमकी से हड़कंप, 18 जिलों में हाई अलर्ट, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क
मेल से मिली धमकियों के बाद यूपी के कई जिला न्यायालयों में सघन तलाशी, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड तैनात

उत्तर भारत के सबसे बड़े राज्यों में से एक उत्तर प्रदेश में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक साथ 18 जिलों के कोर्ट परिसरों को बम से उड़ाने की धमकी मिली। यह धमकी ई-मेल के ज़रिए भेजी गई, जिसके बाद पूरे न्यायिक और प्रशासनिक तंत्र में हड़कंप की स्थिति बन गई। सूचना सामने आते ही जिला प्रशासन, पुलिस और खुफिया एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गईं और अदालत परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को तुरंत कड़ा कर दिया गया।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक जिन जिलों के कोर्ट को धमकी मिली है, उनमें मेरठ, लखनऊ, अयोध्या, वाराणसी, आजमगढ़, अमरोहा सहित अन्य जिले शामिल हैं। सभी स्थानों पर एहतियातन अदालत की कार्यवाही के दौरान अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की गई और आम लोगों की आवाजाही पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
धमकी की गंभीरता को देखते हुए कोर्ट परिसरों में सघन तलाशी अभियान चलाया गया। बम निरोधक दस्ते, डॉग स्क्वायड और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमों ने कोर्ट भवनों, पार्किंग क्षेत्रों, रिकॉर्ड रूम और आसपास के इलाकों की बारीकी से जांच की। हालांकि अब तक किसी भी स्थान से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की चूक नहीं छोड़ना चाहतीं।
गौर करने वाली बात यह है कि इससे पहले भी दो दिन पूर्व इसी तरह की धमकी सामने आई थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि यह किसी शरारती तत्व या संगठित साइबर गतिविधि का हिस्सा हो सकता है। पुलिस और साइबर सेल ई-मेल के स्रोत, आईपी एड्रेस और भेजने वाले की पहचान में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि मामले को पूरी गंभीरता से लिया जा रहा है और दोषियों को जल्द ही चिन्हित कर लिया जाएगा।
फिलहाल सभी जिला अदालतों में सुरक्षा व्यवस्था अस्थायी रूप से और अधिक सख्त कर दी गई है। आम नागरिकों और वकीलों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, लेकिन किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। प्रशासन का दावा है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।
