मकर संक्रांति और माघ एकादशी पर संगम से हर की पौड़ी तक आस्था का सैलाब, प्रयागराज-हरिद्वार में उमड़ी अपार भीड़
पावन स्नान पर्व पर प्रयागराज और हरिद्वार के घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब, सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबं

बुधवार की सुबह उत्तर प्रदेश के प्रयागराज और उत्तराखंड के हरिद्वार में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला, जब मकर संक्रांति और माघ मास की एकादशी के पावन संयोग पर लाखों श्रद्धालु पवित्र स्नान के लिए घाटों पर उमड़ पड़े। प्रयागराज में गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम तट पर तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। देश के विभिन्न हिस्सों से आए भक्तों ने संगम में डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं में स्नान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरा मेला क्षेत्र भक्ति और श्रद्धा के रंग में रंगा नजर आया।
वहीं हरिद्वार में गंगा तट स्थित हर की पौड़ी पर भी सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी रही। गंगा में स्नान को लेकर भक्तों में विशेष उत्साह देखा गया। मान्यता है कि मकर संक्रांति और माघ एकादशी के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से जीवन के समस्त पापों का क्षय होता है और मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है। इसी धार्मिक विश्वास के चलते बड़ी संख्या में श्रद्धालु ठंड के बावजूद गंगा में आस्था की डुबकी लगाते नजर आए। घाटों पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
श्रद्धालुओं की अप्रत्याशित भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। प्रयागराज और हरिद्वार दोनों ही स्थानों पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। संवेदनशील घाटों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है, जबकि ड्रोन कैमरों के जरिए पूरे मेला क्षेत्र और स्नान घाटों की निगरानी की जा रही है। भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था में भी विशेष बदलाव किए गए हैं। कई मार्गों पर रूट डायवर्जन लागू किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील कर रहा है।
