बनारस बनेगा बुजुर्गों की हेल्थ केयर राजधानी
बीएचयू में 200 बेड का नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग जल्द शुरू होगा। 135 पदों की मंजूरी से बनारस बुजुर्गों की हेल्थ केयर राजधानी बनने की ओर बढ़ा।

बनारस में बुजुर्गों के इलाज का बड़ा केंद्र बनने की तैयारी
वाराणसी में बुजुर्गों की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर एक महत्वपूर्ण पहल आकार ले रही है। Institute of Medical Sciences BHU में राष्ट्रीय वृद्धजन स्वास्थ्य देखभाल कार्यक्रम के तहत 200 बेड वाला नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग अगले महीने तक शुरू होने की संभावना है। यह केंद्र बुजुर्गों के लिए विशेषीकृत और एकीकृत इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है, ताकि उन्हें एक ही स्थान पर बेहतर चिकित्सा सेवाएं मिल सकें।
उपकरण और स्टाफिंग की प्रक्रिया तेज
केंद्र को शुरू करने के लिए आवश्यक उपकरण और फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इसी क्रम में Ministry of Education India ने 135 स्थायी पदों को मंजूरी दी है, जिनमें शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक दोनों प्रकार के पद शामिल हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह मंजूरी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक ठोस कदम है।
जेरियाट्रिक केयर और रिसर्च को मिलेगा बढ़ावा
इन पदों के भरने से संस्थान की कार्यक्षमता बढ़ेगी। इससे बुजुर्गों की देखभाल की गुणवत्ता में सुधार, उपचार परिणाम बेहतर होने और शिक्षा तथा शोध गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। यह पहल जेरियाट्रिक केयर को संस्थागत रूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी के लिए आवश्यक है।
संस्थान ने जताया आभार
नेशनल सेंटर ऑफ एजिंग के नोडल अधिकारी प्रो. अनुप सिंह ने इसे संस्थान के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन और मंत्रालय के सहयोग के लिए आभार जताते हुए कहा कि संस्थान सरकार के विश्वास को प्रभावी स्वास्थ्य सेवाओं और शैक्षणिक उत्कृष्टता में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
राष्ट्रीय स्तर पर पहचान की ओर बढ़ता बनारस
यह पहल केवल एक मेडिकल प्रोजेक्ट नहीं बल्कि एक व्यापक बदलाव का संकेत है। बुजुर्ग आबादी की बढ़ती जरूरतों को देखते हुए यह केंद्र बनारस को वरिष्ठ नागरिकों की स्वास्थ्य सेवाओं का प्रमुख केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है। आने वाले समय में यह परियोजना पूर्वांचल ही नहीं बल्कि देशभर के मरीजों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बन सकती है।
