डायन बताकर महिला का अपहरण गांव में खौफ का माहौल
डायन होने के बेबुनियाद शक में 65 वर्षीया महिला को घर से घसीटकर ले जाने की घटना ने पूरे इलाके में डर और सन्नाटा फैला दिया है.
AI द्वारा जनरेटेड प्रतीकात्मक तस्वीरमधुपुर के मिसरना मंडल टोला से एक 65 वर्षीया महिला के रहस्यमय अपहरण ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है. आरोप यह है कि पड़ोस के ही कुछ लोगों ने उन्हें डायन बताकर घर से घसीटकर उठा लिया. अंधविश्वास की जड़ें कितनी गहरी हैं यह घटना फिर दिखा गई. सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या किसी ग्रामीण इलाके में एक वृद्ध महिला अपने ही घर में सुरक्षित नहीं रह सकती.
पीड़िता के परिजनों के मुताबिक कमली देवी उस शाम रोज की तरह घर के कामकाज में व्यस्त थीं. तभी पड़ोस के चार पुरुष और चार महिलाएं आए और उन्हें पास में हो रहे श्राद्ध भोज में चलने के लिए कहा. उन्होंने बताया कि उन्हें शुगर है और भात नहीं खा सकतीं. इसी बात पर माहौल अचानक बदल गया. आरोप है कि सभी ने जबरन उन्हें बाहर खींचा और किसी ने रोकने की कोशिश भी नहीं की. चीखें उठीं लेकिन मदद को कोई नहीं आया. इसके बाद से महिला का कोई पता नहीं है और परिवार पूरी तरह टूट चुका है.
चार साल पहले उनके पति का निधन हो चुका था और तभी से वह मामी के साथ पैतृक घर में रहती थीं. इंजीनियर बेटा अक्सर कहते थे कि मां को दिल्ली ले चलें लेकिन उन्होंने गांव छोड़ने से इनकार कर दिया. अब वही घर उनके लिए सबसे असुरक्षित जगह बन गया. ग्रामीण बताते हैं कि कुछ समय पहले एक किशोर की रहस्यमय मौत हुई थी. उस मौत को लेकर फैल चुकी अफवाहों ने महिला को निशाना बना दिया था. परिवार का दावा है कि आरोपित लंबे समय से उन्हें डायन कहकर प्रताड़ित करते रहे थे.
घटना के बाद कई घरों में ताले लग चुके हैं और कई लोग गांव छोड़कर भाग गए. पुलिस जब मौके पर पहुंची तो ग्रामीणों के भीतर ऐसा डर था कि कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं हुआ. गांव में लोग फुसफुसाते हुए घटना की चर्चा कर रहे हैं लेकिन जुबान खोलने की हिम्मत कम ही दिखाई दे रही है.
महिला की बेटी ने सारवां थाना में 9 नामजद समेत 11 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज करायी है. शिकायत में कहा गया कि आरोपितों ने जान से मारने की नीयत से उनकी मां को उठाया. एक चश्मदीद यशोदा देवी के बयान ने स्थिति को और भयावह बना दिया है. उनका कहना है कि विरोध करने पर आरोपितों ने धमकी दी कि अगला नंबर उनका है.
आज जब भारत विश्व की तीसरी सबसे बड़ी ताकत बनने जा रहा है, ऐसे में इस तरह की घटना सिर्फ एक परिवार का पीड़ा नहीं बल्कि उस सामाजिक मान्यता का आईना है जो आज भी कई इलाकों में लोगों के जानमाल को नुकसान पहुंचाती है. डायन प्रथा सदियों पुरानी कुरीतियों और अंधविश्वास से उपजी है लेकिन इसका असर आज भी उतना ही क्रूर है. मामला अब पुलिस जांच में है लेकिन हर दिन बीतने के साथ परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है. यह सवाल बना हुआ है कि कमली देवी कहां हैं और क्या वे सुरक्षित हैं?

