गुरुवार को भगवान विष्णु की कृपा कैसे पाएं? जानिए व्रत का महत्व, पूजन विधि और खानपान से जुड़ी जरूरी बातें

गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा के साथ ही केले के वृक्ष की भी आराधना की जाती है। शास्त्रों के अनुसार, केले का पेड़ भगवान विष्णु का प्रतीक माना जाता है। इस दिन पीले फूल, पीला चंदन, पीले वस्त्र और हल्दी का उपयोग करके केले के पेड़ की विधिपूर्वक पूजा करने से विष्णु जी प्रसन्न होते हैं।
महिलाएं जल और कुमकुम से पेड़ की परिक्रमा कर सौभाग्य और संतान सुख की कामना करती हैं। साथ ही, यह भी माना जाता है कि केले के पेड़ में बृहस्पति देव का वास होता है, इसलिए इससे जुड़ी पूजा जीवन में शुभता लाती है।
गुरुवार व्रत की पूजा विधि – कैसे करें भगवान विष्णु को प्रसन्न
1. प्रातः स्नान कर पीले वस्त्र धारण करें।
2. व्रत का संकल्प लें और भगवान विष्णु का ध्यान करें।
3. केले के पेड़ के पास दीपक जलाएं और हल्दी, चावल, पीले पुष्प अर्पित करें।
4. भगवान विष्णु को बेसन के लड्डू या पीले रंग की मिठाई का भोग लगाएं।
5. विष्णु सहस्त्रनाम, विष्णु चालीसा या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जप करें।
गुरुवार व्रत में क्या खाएं, क्या नहीं – जानें जरूरी आहार नियम
गुरुवार व्रत के दिन सिर्फ पूजा करना ही नहीं, बल्कि खानपान में भी विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। यह दिन सात्विकता और संयम का होता है, ऐसे में भोजन और पेय दोनों पर संयम रखना आवश्यक है।
✔️ क्या खाएं:
* सात्विक भोजन जैसे फल, दूध, चना, मूंगदाल, सूखे मेवे
* सिंघाड़े का आटा, कुट्टू का आटा, या साबूदाना से बना व्रत का खाना
* घी, शुद्ध देसी गाय का दूध, और शहद
* पीले फल जैसे केला, आम आदि शुभ माने जाते हैं
* पीला भोजन (हल्दी वाला) भोजन में शामिल करना शुभ होता है
❌ क्या नहीं खाएं:
1. नमक, विशेष रूप से सादा नमक (यदि व्रत है तो सेंधा नमक ही उपयोग करें)
2. लहसुन और प्याज, तामसिक और राजसिक भोजन
3. मांसाहार, शराब, और किसी भी प्रकार का नशा
4. बाज़ार के जंक फूड, पैकेज्ड और मसालेदार चीजें
गुरुवार व्रत से जुड़ी मान्यताएं – क्या कहते हैं शास्त्र
धार्मिक मान्यता है कि जो व्यक्ति गुरुवार को उपवास करता है, उसके जीवन में धार्मिक और आर्थिक संकट दूर होते हैं। साथ ही, जो महिलाएं संतान सुख की कामना करती हैं, उन्हें इस व्रत का विशेष फल मिलता है। यह भी कहा जाता है कि गुरुवार व्रत से शिक्षा, करियर और वैवाहिक जीवन में स्थिरता आती है। पीले रंग का महत्व इस दिन अत्यधिक होता है क्योंकि यह बृहस्पति ग्रह का प्रतीक है, जो ज्ञान और सौभाग्य प्रदान करता है।
गुरुवार का व्रत जीवन को देता है स्थायित्व और समृद्धि
गुरुवार का व्रत न केवल एक धार्मिक परंपरा है, बल्कि यह जीवन को सात्त्विक, शांत और संतुलित बनाने का माध्यम भी है। भगवान विष्णु की भक्ति और केले के पेड़ की पूजा से जीवन में शुभता, धन, सुख और वैवाहिक समृद्धि प्राप्त होती है। व्रत के दौरान सही खानपान और श्रद्धा पूर्वक पूजा करने से सभी इच्छाएं पूरी होती हैं।
यह लेख/समाचार लोक मान्यताओं और जन स्तुतियों पर आधारित है। पब्लिक खबर इसमें दी गई जानकारी और तथ्यों की सत्यता या संपूर्णता की पुष्टि की नहीं करता है।