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हरीश रावत ने केदारनाथ के बहाने तेज की सियासी जंग

हरीश रावत ने केदारनाथ के बहाने तेज की सियासी जंग

देहरादून: केदारनाथ के बहाने...Editor

देहरादून: केदारनाथ के बहाने प्रदेश में सियासी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। कांग्रेस खासतौर पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत इस सियासी जंग में सरकार और सत्तारूढ़ दल भाजपा को घेरने का कोई भी मौका चूकने को तैयार नहीं हैं। यही वजह है कि पहले केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों और फिर लेजर शो को लेकर पार्टी और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा सरकार पर हमला तो बोला ही, साथ ही कपाट खुलने के दस दिन के भीतर ही केदारनाथ धाम पहुंचकर वहां विकास कार्यों का जायजा लेने का एलान भी कर दिया।


सियासी दूरबीन और खुर्दबीन दोनों के साथ पहुंच रहे हरदा के निशाने पर एक बार फिर राज्य और केंद्र की भाजपा सरकारें होंगी। वर्ष 2013 में आपदा से केदारनाथ धाम के तहस-नहस होने के बाद से ही सियासत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। केदारधाम को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच जंग सिर्फ राज्य की सियासत तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय फलक पर भी साफतौर पर दिखाई दे रहा है।

आपदा के बाद से ही केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों को शुरू कराने का श्रेय लेने पर कांग्रेस का जोर रहा तो तत्कालीन विपक्षी दल के रूप में भाजपा ने आपदा राहत और पुनर्निर्माण कार्यों में ढिलाई को लेकर कांग्रेस को निशाने पर लेने में कसर नहीं छोड़ी थी।

अब मामला उलट गया है। लोकसभा चुनाव से भाजपा का विजय रथ तीव्र वेग के साथ विधानसभा चुनाव में भी कांग्रेस को धूल चटा चुका है। यही नहीं गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर आपदा से त्रस्त केदारनाथ धाम में जाने को तरसे नरेंद्र मोदी अब प्रधानमंत्री बनने के बाद केदारनाथ धाम पुनर्निर्माण को अपने ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल कर चुके हैं।

बतौर पीएम आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पिछली कांग्रेस सरकार पर जोरदार हमले बोल चुके प्रधानमंत्री मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट पर अब कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत नजरें गड़ाए हुए हैं। पहले केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों में तेजी लाने के केंद्र और राज्य के दावों पर हमलावर रहे कांग्रेस और हरीश रावत अब केदार धाम में लेजर शो को लेकर भी राज्य सरकार पर प्रहार कर रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कपाट खुलने के महज दस दिन के भीतर ही केदारनाथ धाम का दौरा तय कर दिया है। गौरीकुंड से केदारनाथ तक उन्होंने छह मई से आठ मई तक तीन दिनी पैदल दौरा रखा है। पैदल दौरे के जरिये वह केदारनाथ में पुनर्निर्माण कार्यों की रफ्तार और जमीनी हकीकत पर नजर रखने के संकेत दे चुके हैं। आठ मई को अपने केदारनाथ प्रवास के दौरान उनका वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मुलाकात का कार्यक्रम भी है। ऐसे में सरकार की खामियों पर हरदा न बरसें, ऐसा होना शायद ही मुमकिन हो।

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